Tuesday 25 December 2012


नेत्र ज्योति बढ़ाने केलिये  आसान प्रयोग (Eye Care Tip)


असगन्ध 100 ग्राम, बड़ी पीपर 100 ग्राम, आँवला 100 ग्राम, बहेड़ा 100 ग्राम, हरड़ 100 ग्राम, इलायची छोटी 25 ग्राम। प्रत्येक का चूर्ण बनाकर अच्छी तरह मिलाकर रख लें। इसमें से एक चम्मच की मात्रा दूध के साथ नित्य खाली पेट सुबह-शाम लें। साथ ही त्रिफला जल से नित्य प्रातः आँखें धोएँ। इससे आँख का बढ़ता हुआ नंबर रुक जाता है। लंबे समय तक प्रयोग करने से चश्मे का नंबर अवश्य कम हो जाता है।
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Friday 25 November 2011


मधुमेह और शीत ऋतु  
मधुमेह में शरीर से प्रोटीन की हानि की पूर्ति करने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का मौसम होता है, क्योंकि प्रोटीन के सभी स्रोत एवं स्वयं प्रोटीन गरिष्ठ पदार्थों की श्रेणी में आते हैं। जैसे सभी प्रकार की दालें, सूखे मेवे विशेषकर काजू, बादाम, अखरोट, मूँगफली आदि ऐसे भोज्य पदार्थ हैं, जिनका उचित पाचन सिर्फ जाड़े के मौसम में ही हो सकता है। 

मधुमेह रोगियों को इस मौसम का भरपूर उपयोग करते हुए प्रोटीनयुक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए। प्रोटीनयुक्त पदार्थों के सेवनकाल में कसरत और पैदल भ्रमण करने से शरीर पुष्ट होता है, जिससे कमजोरी दूर होती है। अतः इस मौसम में भी हल्के व्यायाम और सुबह-शाम पैदल सैर करना बेहद लाभदायक होता है। 

मधुमेह रोग में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से रोगी को अनेक तकलीफों का सामना करना पड़ता है। अतः मधुमेह रोगियों के लिए सर्दियों के मौसम में आंवला, हल्दी, कालीमिर्च, तुलसी जैसी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुओं का उपयोग लाभकारी होता है। इस रोग में तंत्रिका तंत्र पर रोग का दुष्प्रभाव होता है। हाथ-पैर की उंगलियों में सुन्नपन का आभास होता है। जाड़े के दिनों में हाथों व पैरों की उंगलियों को हिलाने या उंगलियों का व्यायाम करने से तंत्रिकाओं में शक्ति एवं शरीर के दूरस्थ भागों में रक्त का संचार सुधरता है। 

Sunday 3 April 2011

सर्वाना गुढीपाडव्याच्या हार्दिक शुभेच्छा
येणारे नविन वर्ष सर्वांना सुख सम्रुधी आणी भरभराटीचे जाओ

Sunday 28 November 2010

हल्दी का सेवन केंसर के रोगियों में रामबाण

हल्दी का सेवन केंसर के रोगियों में रामबाण सिद्ध हो चुका है .
ब्रिटिश वैज्ञानिकों का कहना है, क़ि केमोथैरेपी  से अप्रभावित कोशिकाओं  पर हल्दी का अभूतपूर्व प्रभाव देखा गया है.
लेचेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हल्दी में पाई जानेवाले रसायन "कर्कुमिन" के प्रभाव का अध्ययन  कोलोरेक्टल केंसर के रोगी में किया था .
डॉ करेन ब्रौंउन ने डेली मेल को जानकारी देते हुए कहा, क़ि  कर्कुमिन उन केंसर  क़ी  कोशिकाओं के विरूध काम करता है ,जो कोशिकाएं केमोथैरेपी के वावजूद बची रह जाती हैं ,तथा बाद बढ़ते हुए विकराल रूप धारण कर लेती हैं.
इससे पूर्व के शोध में यह बात सामने आयी थी क़ी ,हल्दी न केवल केंसर क़ी कोशिकाओं क़ी बृद्धि को रोकता है, अपितु  केमोथैरेपीके प्रभाव को भी बढ़ा देता है.
डॉ करेन ब्रौंउन का कहना है, क़ि इस दिशा में किया गया शोध हल्दी के केंसर में प्रभावों क़ी दिशा में नए राज खोलेगा.

अब एन्जिओग्राफी एवं बायपास को करें बाई बाई

हृदय रोगों से बचाव एवं कोरोनरी आर्टरी की बीमारियों से बचने के टिप्स 
-नीबू का रस- १ कप
-अदरख का रस - १ कप 
लहसुन का रस -१ कप
सेब का रस -१ कप
इन सब को मिला लें ओर धीमी आंच पर १/२ घंटे तक पकाएं
१/२ घंटे के बाद जब यह ३-कप शेष रह जाय तब इसे ठंढा होने दें.ठंडा होने पर ३ कप प्राकृतिक शहद मिलकर बोतल में भर लें.प्रत्येक  सुबह नाश्ते से पहले १ चम्मच नियमित सेवन  करें 
सौजन्य  :
*Prof. Dr. S. Vikineswary
Biotech Division
Institute of Biological Sciences
University of Malaya
50603 Kuala Lumpur
Malaysia